Anand Barotia
Romance Classics
तू आ जाए हम मिल जाएँ
ये सफर वहाँ तक जा पहुँचे
जिस मोड़ पे मिलना तय था तेरा,
उस मोड़ तलक हम आ पहुँचे।
बातें बिन आवा...
पहुँच जाओगे
बस कागज़ सब का...
कल का आज
दिव्य दृष्टि
कांच में आदमी
रौशनी की राख़
वो आ पहुँचे
वो आ जाएंगी
ख़ुद के बाद
मैं पंकज प्रभात यूँ अकेला थोड़ा खोया सा, अपनी यादों में डूब कर कुछ हँसता हुआ। मैं पंकज प्रभात यूँ अकेला थोड़ा खोया सा, अपनी यादों में डूब कर कुछ हँसता हुआ।
तुम जैसी हो वैसी नजर आया करो, चेहरो की दुनिया से बाहर आया करो ! तुम जैसी हो वैसी नजर आया करो, चेहरो की दुनिया से बाहर आया करो !
एक दिन वह सवेरा ज़रूर आएगा जो तुम तक मेरी आवाज़ पहुंचाएगा। एक दिन वह सवेरा ज़रूर आएगा जो तुम तक मेरी आवाज़ पहुंचाएगा।
तेरी यादों की बारिश में बरसती आँख ये मेरी तुझे पाने की ख़्वाहिश में तड़पती आँख ये मेरी। तेरी यादों की बारिश में बरसती आँख ये मेरी तुझे पाने की ख़्वाहिश में तड़पती आँख...
कभी प्यार बरसता था घर में अब मौन है यहीं सोचते हम दोनों के बीच तीसरा कौन हैं। कभी प्यार बरसता था घर में अब मौन है यहीं सोचते हम दोनों के बीच तीसरा कौन हैं।
कोई गलती हुई तुझसे न सजा की बात कर। कोई गलती हुई तुझसे न सजा की बात कर।
एक अदद प्यार करना ही नहीं सब कुछ यहां। बोझ जिम्मेदारियों का है अगर तुम उठा पाओ। एक अदद प्यार करना ही नहीं सब कुछ यहां। बोझ जिम्मेदारियों का है अगर तुम उठा पा...
चिरायु हो जाती हैं सांसें और अंतस रौशनी से भर जाता है। चिरायु हो जाती हैं सांसें और अंतस रौशनी से भर जाता है।
दिल शीशे सा हम सबका होता है बस मुस्कुराती जिंदगी का सच कहता है। दिल शीशे सा हम सबका होता है बस मुस्कुराती जिंदगी का सच कहता है।
सिंदूर, टीका, बिंदी, मेहंदी, गजरा, काजल नथ, झुमके, बाजूबंद, कंगन, चूड़ी, पायल। सिंदूर, टीका, बिंदी, मेहंदी, गजरा, काजल नथ, झुमके, बाजूबंद, कंगन, चूड़ी, पायल...
तुमको जब भी देखूं तुममें खोने लगता हूं गोदी में सर रखता हूं मैं सोने लगता हूं। तुमको जब भी देखूं तुममें खोने लगता हूं गोदी में सर रखता हूं मैं सोने लगता हूं...
तुम्हारे ख्वाब मेरी आंखों में फलफूल रहे हैं। तुम्हारे ख्वाब मेरी आंखों में फलफूल रहे हैं।
हवा का एक बेशर्म झोंका हौले से छू सकपका कर भाग गया। हवा का एक बेशर्म झोंका हौले से छू सकपका कर भाग गया।
आ जाए न दिल आप का भी और किसी पर। देखो मिरी जाँ आँख लड़ाना नहीं अच्छा। आ जाए न दिल आप का भी और किसी पर। देखो मिरी जाँ आँख लड़ाना नहीं अच्छा।
स्नेह प्यार मिलता रहे साथ निभाए सदा उसके सजना। स्नेह प्यार मिलता रहे साथ निभाए सदा उसके सजना।
आओ साथ चले वहां तक साथी जहाँ तक सारी राहें ख़त्म न हो। आओ साथ चले वहां तक साथी जहाँ तक सारी राहें ख़त्म न हो।
कौन कहता है कि मुहब्बत बेजुबां होती है ये वो दासतां है जो आंखों से बयां होती है। कौन कहता है कि मुहब्बत बेजुबां होती है ये वो दासतां है जो आंखों से बयां होत...
अधूरे थे मिलन भी अधूरा था चलो अब दिलों में बस जाए अधूरे थे मिलन भी अधूरा था चलो अब दिलों में बस जाए
खुद को उसने बहुत समझाया वह तेरे काबिल नहीं, खुद को उसने बहुत समझाया वह तेरे काबिल नहीं,
मुझे भी किसी और का बनाने आ जा अब तो आंखें भी सूख गई हैं इंतजार में तेरे मुझे भी किसी और का बनाने आ जा अब तो आंखें भी सूख गई हैं इंतजार में तेरे