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Anand Barotia

Abstract Classics

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Anand Barotia

Abstract Classics

ख़ुद के बाद

ख़ुद के बाद

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''ख़ुद''.... ख़ुद का होते हुए 

ख़ुद में रहते हुए,

खुद के कहने पर,


जब नाप कर देखते हो खुद को

किसी और से तो, वो


बड़ा लगता है,

कभी इस ''खुद'' से बाहर आकर

देखो दोनों छोटे दिखाई देंगे।


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