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Dinesh Dubey

Abstract

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Dinesh Dubey

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वायरस

वायरस

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कभी कभार कर लिया करे,

अपने दिमाग को भी सेनेटाइज,

गलतफहमी के वायरस तो,

हमेशा यहीं से हैं निकलते।


ये गलतफहमी का वायरस,

होता बहुत ही खतरनाक,

न जीने देता ना मरने देता,

हरदम है खुरापात करता।


जिस दिन लोगो के दिमाग से,

यह वायरस निकल गया,

समझ लो इस दुनिया में,

फिर कोई आफत नही होगा।


तब बरसेगा प्यार का सावन,

बन जायेगी दुनिया लुभावन,

सब में होगा भाईचारा,

जात पात का न होगा टेंशन।


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