जीवन में तालियां
जीवन में तालियां
दूसरों की जीत पर बजाए बहुत तालियां तू,
अपने लिए कब तालियां तू बजवाएगा।
परानुगामी बन अपना श्रम- समय लगाए खूब,
दूसरों का अब तक सपना सजाए खूब।।
सबसे पीछे पंक्ति में रह, कोने में बैठकर,
दूसरों की खातिर बजाए बहुत तालियां।
कब तक अपना व्यर्थ में समय तू गवाएगा।।
अपने लिए कब तालियां तू बजवाएगा।।
सपने अपने सजाओ उसे मन में बसाओ,
निगाह लक्ष्य पर धरो कभी न विस्मरण करो।
हिम्मत जुटाओ और खुद पर विश्वास करो,
मन में संकल्प लिए काम में लगे रहो।
सफलता के पथ पर तू बढ़ता चला जायेगा।।
अपने लिए कब तालियां तू बजवाएगा ।।
एक - एक पल का हिसाब करना सीख लो,
जिंदगी अमूल्य है महत्व इसका जान लो।
अब तू संभल जाओ अपने सपने में लग जाओ,
जब से तू जागो सवेरा तभी कहलाएगा।
अपनी विजय तब ही तू कर पायेगा।।
अपने लिए कब तालियां तू बजवाएगा ।।
पीछे हटने का नाम मन से निकाल दो,
आगे ही बढ़े कदम यही तू मन में ठान लो।
मुश्किलों का सामना सहर्ष करना सीख लो,
विश्व में तुम्हारा एक दिन परचम लहराएगा।।
फिर अपनी विजय का तू झंडा फहराएगा।
और अपने लिए तालियां तू बजवाएगा।
हां अपने लिए तब तालियां तू बजवाएगा।।
अपने लिए कब तालियां तू बतलाएगा।
