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Debashis Bhattacharya

Romance

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Debashis Bhattacharya

Romance

झरना होकर झरना चाहते

झरना होकर झरना चाहते

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झरना होकर झरना चाहते

तुम्हारी जुल्फों में

गुलाब हो कर रहेंगे बंधे

केशविन्यास के साथ


सुरमा बनकर रंगीन होंगे

तुम्हारी पलकों पर

प्रेमलता हो कर लटकते रहेंगे  

ह्रदय आंगन के साथ 


मन चन्दन मेरे सजेंगे  

तुम्हारे खूबसूरत चेहरे पर 

बिंदी हो कर जलते रहेंगे

तुम्हारे ललाट के बीच

लाल गुलाल मैं चमकते रहेंगे 


तुम्हारे ओठों पर

इच्छा मेरे होंगे तुम्हारे

एक स्वप्नों के नाव में

पूरी दुनिया देखना चाहते

बस तुम्हारी आँखों में 

वही तुम्हें मैंने दिया

मेरा दिल जन्मों जन्मों से।


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