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Ayush Pandey

Romance


4  

Ayush Pandey

Romance


याद शहर

याद शहर

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लगता है तुम्हे मेरे याद शहर से

लगाव सा हो गया है

तो बस रह जाओ ना इधर

लेकर एक छोटा सा आशियाना

जिसे मैं दिल कहता हूं ।


एक खिड़की है मेरे इस दिल में ,

जहां से खुशियों की रोशनी

चुपके से गालों को छू देती है।


एक गलियारा है जहां मेरे

यादों के खूबसूरत बगिया है ।


एक छत है जहां बारिश की

पहली बूंदें जब ज़मीन को छूती है

तो मेरे होने का एहसास करा देती हैं ।


सामने देखोगी तो एक रास्ता है जो

सीधे मेरे उन लम्हों के पुल पर ले जाता है

जहां में सबको आने नहीं देता ।


घर में एक कमरा है

जिसमें बहुत सारी तस्वीरें हैं 

जरा ध्यान से देखना ,

उन तस्वीरों में तुम सिर्फ खुद को पाओगी ।


अरे हां मैंने बताया ही नहीं की एक झूला है 

वहां जाकर जरूर वक़्त गुजारना

मेरी सांसें धीमी हवाओं की तरह

तुम्हारे बालों को सहला जाएंगी ।


मेरे इस शहर में तुम मुझे पहचान जाओगी ,

सब नहीं रह पाते इस शहर में।

तुम अलग हो,

पहली बार मैंने इस शहर को

किसी और के लिए सजाया है 

पहली बार अकेला नहीं हूं मैं इधर ।


और ना तुम रहोगी ।

बस , सुबह अपने सामने वाली

खिड़की खोलना 

मेरे जज्बात जो तुम्हारे लिए हैं 

सुबह की पहली किरण बनकर

तुमसे मिलने पहुंच ही जाएगी।


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