STORYMIRROR

Jai Singh(Jai)

Tragedy Action Inspirational

4  

Jai Singh(Jai)

Tragedy Action Inspirational

"जहां मुफ्त मिले हर शिक्षा "।

"जहां मुफ्त मिले हर शिक्षा "।

1 min
484

शिक्षा व्यवसाय बन रही,मची है खूब लूट।

बढ़ते प्राइवेट स्कूल, जरा न करते छूट।


जरा न करते छूट,चका चौंध कर भ्रमाते।

घनी वसूले फीस, पीट पीट कर पढाते।


कह 'जय'करो विचार, सरकारी हो सब कक्षा।

भेजो उन्हीं स्कूल, जहां मुफ्त मिले हर शिक्षा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy