"जब मिलेंगे हम तुमसे"
"जब मिलेंगे हम तुमसे"
जब मिलेंगे हम तुमसे
जाने क्या - क्या बात होंगी !
जुबां तो चुप रहेगी लेकिन
दिल - से - दिल की बात होगी !
ढल जायेगा जब सूरज
तो साँझ की लाली
तेरे होठों पे नीलम होगी !
आँखों में डूब जाएँगी ऑंखें
वो क्या नशीली श्याम होगी !
तेरे आगोश में सर रख कर
हम इस कदर खो जायेंगे
के, तेरे जुल्फों की घटा से
ये रात शर्मिंदा ए-सरे आम होगी !
तेरे बदन की खुशबू से
महक उठेगा ए समां
के, गुलाबों के शहर से
महक बदनाम होगी !
चाँद और चांदनी का होगा
मिलन उस रोज़
हमारी ये- मुलाकात
निशां - ए
दो जिस्म, एक जान होगी !
जब मिलेंगे हम तुमसे
जाने क्या - क्या बात होंगी !
जब मिलेंगे हम तुमसे
जाने क्या - क्या.. !

