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मिली साहा

Inspirational

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मिली साहा

Inspirational

जादू मांँ की ममता का

जादू मांँ की ममता का

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खुद को भुला कर वो, हमारी आंँखों के सपने संजोती,

छाया बन सदैव रहती साथ, जीवन की धूप से बचाती,

जाने कितनी ही रातें जगती, हमें मीठी नींद सुलाने को,

ऐसा जादू है मांँ की ममता में, हर उलझन सुलझा देती।

माँ की ममता की छांँव में जीवन का सुख मिले अपार,

दुनिया की हर दौलत से कीमती है मांँ का निश्चल प्यार,

कुछ ना भी कहो तो भी दिल की हर बात समझ जाती,

ममता रूपी जादू की छड़ी लिए हर पल रहती है तैयार।

माँ की ममता ढाल बन कर, हर मुश्किल से है बचाती,

चाहे कैसी भी हो लझन, पल भर में वो सुलझा देती,

पढ़ लेती चेहरा झट पट, देख लेती है पेट की भूख भी,

कितने की करो अटपटे सवाल, परेशान कभी न होती।

तू ममता का सागर है मांँ,तुझपे जितना लिखूँ कम है,

जब भी होता कोई दर्द मुझे आंँखे तेरी ही होती नम है,

समस्त ब्रह्मांड का सुख समाया है, तेरे इस आंँचल में,

तेरा हाथ रहे जो हरपल सर पे, तो हर रास्ता सुगम है।

देखा है तुझको इन आंँखों में आंँसूओं को समेटते हुए,

पर तू जताती नहीं, दिखती है सदैव ही ,मुस्कुराते हुए,

खुद सोयी माँ कांँटों पर, मुझे दिया फूलों का बिछौना,

कभी उफ्फ तक नहीं किया तूने इतना कुछ सहते हुए।

तेरी ममता की शीतल छाया तले, मैं पला, बड़ा हुआ,

तेरी उंगली पकड़कर चला मैं, तब पैरों पर खड़ा हुआ,

कभी दोस्त, कभी गुरु बनकर सही मार्ग तूने दिखाया,

तू सुख की वो चादर है माँ,जो ममता से है जुड़ा हुआ।

खुशियों की, धूप है तू माँ, ममता का निश्छल रूप है,

हर दर्द की दवा है तू माँ, ईश्वर का साक्षात स्वरूप है,

निर्मल बहती सरिता तू, है सागर से गहरी तेरी ममता,

तेरे लिए, जितना भी लिखूंँ कम है, तू इतनी अनूप है।

तुझसे ही मिला मेरी मांँ, मेरे इस जीवन को आकार,

तू सुख की छाया माँ, तू ही तो इन सांँसों का आधार,

मेरी हर तकलीफ़ में, बेचैन तेरी आंँखों को देखा मैंने,

खुद को भुलाकर तूने, मेरा हर सपना किया साकार।

रात- रात भर, जाग कर भी, कैसे तू मुस्कुराती है माँ,

इतनी ताकत, इतनी सहनशक्ति बस तुझ में ही है माँ,

तू बन जाती है, ढाल कभी, कभी गुरु तो कभी दोस्त,

हर रूप है तेरा ममतामई, हर रूप तेरा अनोखा है माँ।

तेरे प्यार तेरे बलिदान का,कभी कर्ज़ चुका न पाऊंँगा,

तेरा हाथ रहे सर पे, ईश्वर से यही फरियाद मैं करूंँगा,

तेरा दिया, सात जन्म में भी, लौटा नहीं सकता हूँ माँ,

पर इतना वादा तेरे आंँसुओं की कभी वजह न बनूंँगा।


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