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Dr. Akansha Rupa chachra

Inspirational

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Dr. Akansha Rupa chachra

Inspirational

भाईचारा

भाईचारा

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अगर प्रेम का ईंट और गारा हो

घर के नींव में भाईचारा हो

तो घर गिरे नही भूचालों से

घर को सजाना है भाईचारा से।

दरवाजों से ना दीवालों से

घर हंसता है बाल गोपालों से

राम लक्ष्मण जैसा भाई भाई में रिश्ता हो

घर को सजाना है भाईचारा से।

प्रेम के ढ़ाई आखर ही तो है

वक्त से लड़ने का हथियार

ध्यान से सुनना ये बातें

घर को सजाना है भाईचारा से।

अकेलेपन की गिनती करके

रास्ता खुद ही बनाना होगा

अगर चाहते हो,आगे नही कठिनाई हो

तो घर को सजाना है भाईचारा से।

जो इंसान भाईचारा से करता है तौबा

वो भीतर ही भीतर रोता है

दिल की खिड़की में उजियारा हो

घर को सजाना है भाईचारा से।

आज की रंगीन हलचल में

घर बचा रहेगा,भाईचारा से

घर बनता है घर वालों से

घर को सजाना है भाईचारा से।



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