STORYMIRROR

Irfan Alauddin

Classics Inspirational

4  

Irfan Alauddin

Classics Inspirational

इतनी सी बात दिल पे

इतनी सी बात दिल पे

1 min
253

इतनी सी बात दिल पे लेते हो 

कोई कुछ कहे तो रो देते हो 


मर्द हो मर्द की तरहा रहो 

हर बार हिम्मत क्यों खो देते हो


ज़िंदगी में उतार चढ़ाव आते हैं 

तुम रोज शराब क्यों पीते हो 


ये बुरा वक़्त हैं गुजर जाएगा 

तुम इतना क्यों टेंशन लेते हो 


जज्बातों को काबू में रखो 

हर बात दिल पे क्यों लेते हो 


मुझे देखो मैं कितना ख़ुश हूँ

तुम मेरी तरहा क्यों नहीं रहते हो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics