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Irfan Alauddin

Abstract Fantasy

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Irfan Alauddin

Abstract Fantasy

मसअले मेरे सभी हल हो गए

मसअले मेरे सभी हल हो गए

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बहरे रमल मुसद्दस महज़ूफ़

फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन

2122 2122 212


मसअले मेरे सभी हल हो गए

जो क़रीबी थे वही शल हो गए


दूर रह कर पास रहते थे मेरे

यार मेरे सारे अड़ियल हो गए


दूरियाँ ही दूरियाँ है प्यार में

इश्क़ कर के आज हम कल हो गए


जो दिखाई दे रहे है आँख में

आँसू मेरे आज कलिमल हो गए।


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