STORYMIRROR

Shubham mohurle

Romance

2  

Shubham mohurle

Romance

इश्क़

इश्क़

1 min
288

एहसास था एक ख्यालों में तेरा

सारी उम्र बिता दूँ तेरे साथ।


ख्याल आता रहा उम्र निकलती रही

जमाना भी बदला, तू भी बदल गयी।


फिर भी तेरा दर्द सहने वाला 

मैं नहीं बदला, यही मेरी मासूमियत थी।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance