STORYMIRROR

Shubham mohurle

Others

1  

Shubham mohurle

Others

इंसान

इंसान

1 min
289

गुलाब के काटों में क्या

इंसानियत होती है,

काटा तो जोर से नहीं तो 

गुलाब ही प्यार सुलझता

इंसान तो काट लेता भी है 

ओर खून चूमता भी है,,

इंसान इंसान की तरह नहीं

बल्कि ना हरक़तों से 



ഈ കണ്ടെൻറ്റിനെ റേറ്റ് ചെയ്യുക
ലോഗിൻ