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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

इश्क की महफ़िल सजा दिया

इश्क की महफ़िल सजा दिया

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तन्हा रहा था इश्क लिये मैं, ख्वाबों में मैंने उसे देख लिया,

उसको हर पल पाने के लिये मैंने, इश्क की महफ़िल सजा दिया।

ढूंढता था उसे शहर की गलियों में, उसका सुंदर चेहरा मैंने देख लिया,

उसके हुस्न का दीवाना बनकर मैंने, इश्क की महफ़िल सजा दिया।

उसकी पलकों की भाषा समझकर, मेरी बांहों में उसको सिमट लिया,

उसके इश्क की गहराई में डूबकर मैंने, इश्क की महफ़िल सजा दिया।

इश्क की धड़कन तेज बनी ओर, उसके हुस्न में मदहोश मैं बन गया,

दिल में उसको समाकर मैंने "मुरली", इश्क की महफ़िल सजा दिया।



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