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Lata Singhai

Romance

4  

Lata Singhai

Romance

इजहार

इजहार

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240


तन सिहरा,

सांसे बदहवास,

वाणी अवाक,

दिल धड़का जोर से,

लहू सिमट कर सारा,

आ गया यकायक सीने में,

मदहोश नयन,

झुकी पलकें,

कितना कुछ महसूस हो गया,

उस एक लम्हे में,

जब तुमने मेरे माथे पर

अंकित कर एक चुंबन,

यही तो कहा था,

प्रेम करता हूं तुम्हे।

     


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