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Lata Singhai

Inspirational Others

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Lata Singhai

Inspirational Others

मां

मां

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तेरा अंश बनते ही मेरे इंतजार में नौ महीने दर्द सहती

वह तुम ही हो मां।।


खुली आंखों से जिसने मेरी लिए सपने बुने

वह तुम ही हो माँ ।।


औरों से ज्यादा नौ महीने प्यार किया 

वह तुम ही हो मां।।


पिता की डाट को नजरंदाज कर चल पहले खाना खा ले 

कहने वाली तुम ही हो माँ ।।


घर पर देर से आने पर डाट से ज्यादा फिक्र का एहसास करवाती

वह तुम ही हो मां ।।


माथे को चूम तकदीर बदलने वाला जादू जिसे आता है

वह तुम ही हो मां ।।


अपने दर्द को छुपाने का बेहतरीन तरीका जानने वाली 

वह तुम ही हो माँ ।।


जिसकी गोद में सर रखते ही सारी परेशानियां भाग जाती 

वह तुम ही हो माँ ।।


जिसकी हाथों की खिचड़ी में भी छप्पन पकवान का स्वाद आता 

वह तुम ही हो माँ ।।

 

इसे मैं वरदान कहूं या जीवन की ठंडी छांव 

तुम ही हो बताओ माँ ।।


जिसकी दुआएँ कभी खत्म नहीं होती 

वह ईश्वर के भेजी सौगात 

तुम ही हो मां ।।



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