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Upama Darshan

Comedy

5.0  

Upama Darshan

Comedy

हस्बैंड का रिटायरमेंट

हस्बैंड का रिटायरमेंट

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हस्बैंड के रिटायरमेंट पर वाइफ़ को है चिंता भारी

पति के इर्द गिर्द घूमेगी उसकी अब दिनचर्या सारी

हसबेंड के ऑफ़िस जाने पर सुबह टिफ़िन थमाती थी

अपना पूरा दिन वह फिर अपनी मर्ज़ी से बिताती थी

किटी पार्टी, मूवी या फिर शॉपिंग को वह जाती थी

कभी कभी ब्युटी पार्लर में स्पा का लुत्फ उठाती थी


हसबेंड के घर पर रहने से अब दिनचर्या बदलेगी

खाली बैठे हसबेंड को जब तब चाय की तलब लगेगी

सुबह सैर करके आने पर ब्रेकफ़ास्ट का टाइम होगा

फुर्सत से फिर कुछ अच्छा सा गर्मागर्म लंच होगा

किटी पार्टी और तंबोला का समय अब फिर कहाँ मिलेगा

सखियों के संग सैर सपाटा, गप्पों का सिलसिला थमेगा


पति महाशय सोचे हैं कि चादर तान के जी भर सोएँ

पत्नी मन में लिस्ट बनाती किस काम में पति को जोए

साठ बरस के होने पर ऑफ़िस से छुट्टी मिल जाती है

घर गृहस्थी के कामों से गृहिणी कभी न मुक्ति पाती है

पत्नी का हाथ बँटाना है ये ध्यान पति को रखना होगा

ऑफ़िस का काम बहुत हुआ अब काम किचन में करना होगा


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