हर नारी की एक आवाज़ आजादी आजादी
हर नारी की एक आवाज़ आजादी आजादी
कहने को तो हम 21वी सदी में जीते है,
आज के युवाओं की सोच वही 15वी सदी वाली हैं,
1947 में सिर्फ देश आजाद हुआ,
ये नारी समाज नहीं,
आज भी हर जगह देश की बेटी की आजादी छीनी जाती है,
एक लड़की जब घर से निकलती है
तो क्यूँ उसको गंदी नजरों से देखा जाता है,
एक लड़की के साथ जब गलत होता है
तो क्यूँ सिर्फ लड़की को ही गलत कहा जाता है,
क्यों लड़की अपना सर झुका कर चलती है,
क्यों वह दरिंदे गर्व महसूस करते हैं जो यह गंदी हरकत करते हैं,
क्यों समाज में इनको और बढ़ावा मिल रहा,
क्यों इन दरिंदों की हिम्मत बढ़ाई जाती है,
आज भी सिर्फ बेटी को ही मारा जाता है,
आज सिर्फ बेटी पर ही रोक लगाई जाती है,
क्यों बेटी को घर में से सामान की तरह सजा कर रखा जाता है,
क्यों हर बार उनकी ख्वाहिशों को ही क्यों दबाया जाता है,
क्यों नारा लगाया जाता हैं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ,
आखिर कब मिलेगी आजादी,
हर बार क्रांति का झंडा लेकर जब महिलाएं धरने पर निकलती है
तब उन पर क्यों लाठियां बरसाई जाती है,
कहने को तीन तलाक खत्म किया लेकिन आज भी वही दौर चल रहा,
पूछती हूं मैं हर आम लड़की की आवाज बनकर
आखिर कब तक सुरक्षित नहीं होंगी मेरे देश की बेटी,
आखिर कब तक कानून नहीं बनेगा,
आजादी के 75 साल बाद भी
क्या महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए ऐसे ही लड़ती रहेगी,
क्या उन दरिंदों के घर मां और बेटी नहीं होती,
क्या दुनिया की इंसानियत खत्म हो गई है,
आखिर क्यों मासूम बच्चियों को बेचा जाता है,
क्यों उनकी की बोली लगाई जाती है,
क्यों बेटियों को कच्चे में फेंका जाता है,
क्यों बेटियों के साथ जबरदस्ती बदसलूकी
बेरहमी औरत का बलात्कार किया जाता है,
आखिर कब मिलेगी आजादी कब सुरक्षित होगी मेरे देश के हर एक बेटी,
आज के युग में नारी पुरुषों से आगे निकल आई है,
आखिर कब बदलेगी सोच मेरे देश के युवाओं की,
आखिर कब बदलेगा यह समाज,
कहने को तो भारत माता की जयकार लगाई जाती है,
आखिर वह भी एक नारी है फिर उस देश की नारियों के साथ
बुरा सुलूक क्यों किया जाता है,
एक तरफ धन की देवी लक्ष्मी को पूजा जाता है ,
दूसरी तरफ उन्हें पर अत्याचार किया जाता है,
आखिर क्यों सोच सोच और समय-समय बात है,
आखिर क्यों दिखावे के लिए सब किया जाता है,
जिस दिन सोच बदलेगी,
जिस दिन कानून बनेगा हर नारी की आत्मरक्षा का,
जिस दिन दरिंदों को सजा मिलेगी,
उस दिन सुरक्षित होगी मेरे देश की बेटियाँ
जिस दिन हर नारी को मां और बेटी की और
बहन की नजर से देखा जाएगा उस दिन ही समाज बदल जाएगा,
मेरा इतना यह कहना है सोच बदलो और
अपना नजरिया बदलो तो यह देश बदलेगा और उस दिन
मां बेटी बहन सुरक्षित होगी,
उस दिन सुरक्षित होगी हर एक नारी।
