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Surendra kumar singh

Inspirational

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Surendra kumar singh

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हंसो यार

हंसो यार

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हंसो यार

जीवन का जीवन्त तकाजा है

हंसो कि तुम्हारा धर्म है

और उस पर कोई नहीं चल पा रहा है

हंसो कि तुम्हारी सरकार है

और तुम्हारे सिवाय सबके काम आ रही है,

हंसो कि तुम उन सबको उनसे

बेहतर देख पा रहे हो

जो तुम्हें देख रहे हैं

हंसो कि तुम्हें देखने के लिये

सुबह का इन्तजार नहीं करना पड़ता।

हंसो की तुम्हारे पास जीवन है

निराशा के समुन्दर मे

उम्मीद की नाव पर सवार।

हंसो कि तुम्हारी मंजिल तुम्हारे

सबसे करीब है

हंसो कि लोग हंस रहे है।


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