STORYMIRROR

उर्वील सिंह

Romance

3  

उर्वील सिंह

Romance

हमसे मिलने प्रिय मेरे तुम

हमसे मिलने प्रिय मेरे तुम

1 min
316

जब लांघ क्षितिज को प्रथम किरण,भूमि को आलिंगन करे

जब मोह माया से मुक्त हो सरिता, सागर संग संगम करे।


जब ओस की बूंद लगे पिघलने, सूरज की तपन में

जब भोली रात सिमट जा बैठे सूर्य की चरण में।


जब देख के सारे प्रेम प्रसंग ये, याद हमारी आने लगे

हमसे मिलने प्रिय मेरे तुम, बरगद के नीचे आ जाना।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance