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Pinki Khandelwal

Tragedy

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Pinki Khandelwal

Tragedy

हमारा समाज ...उसके प्रति हमारा कर्तव्य।

हमारा समाज ...उसके प्रति हमारा कर्तव्य।

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समाज में हर तरफ फैली है बुराई,

कोई आर्थिक तंगी से परेशान है

तो कोई दिनों दिन बढ़ती महंगाई से,

उठ चुका इंसानियत से लोगों का भरोसा है,

क्योंकि हर तरफ फैली बुराई और बुराई है,


भ्रष्ट शासन पेपर लीक की समस्या,

जीवन भर बेरोजगारी की मार,

शिक्षा तकनीकी का उच्च स्तर,

गरीबी से जूझ रहा हर इंसान,

जिसके पास पैसा है उसको अहमियत नहीं,

और कोई पैसों के लिए तरस रहा है,


और न्याय रुपी अदालत मानो मौन है,

क्योंकि उच्च स्तर तक शासन में भ्रष्टाचार विघमान है,

गरीब लोगों की फाइल ऊपर तक पहुंचती नहीं,

और अमीर पैसों के दम पर छूट जाते हैं,

आखिर क्या हुआ हमारे देश को?

क्यों लोगों का न्याय से विश्वास उठ गया?

क्यों देश में जुल्मों की संख्या बढ़ रही?

क्यों हम अपने ही मौहल्ले और परिवार के बीच सुरक्षित नही?


क्यों हर पिता बेटी को घर बाहर भेजने से डरता है?

क्यों कोई अब न्याय का दरवाजा नहीं खटकाता?

क्यों सब खुद ही इंसाफ के देवता बन गये?

क्योंकि हम जागरूक नहीं...,

हम न्याय की मांग उठाते हैं पर न्याय क्यों नहीं मिलता,

इसकी वजह को नहीं जानना चाहते,

क्योंकि किसी को किसी की जरूरत नहीं,

सब बस अपनी ही परेशानी में उलझे हैं,

जिससे सरकारी नीति ठप्प हो रही है,


सरकार योजनाएं बनाती है पर वो जनता को मिलती है,

इसकी जानकारी उन तक नहीं पहुंच पाती,

जिस कारण समाज में न्याय की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाती,

और जनता दोष सरकार को देती है,

जबकि कुछ हिस्सेदारी उसकी भी तो है,


हमे सिर्फ न्याय चाहिए अधिकार चाहिए,

लेकिन हमारा समाज कैसे प्रगति करें,

हम समाज की किस तरह मदद कर सकते हैं,

यह सोचने वाला कोई नहीं जिस कारण,

गरीबों को चाहकर भी न्याय नहीं मिल पाता।



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