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भावना भट्ट

Romance

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भावना भट्ट

Romance

हमारा प्यार और हमारी तकरार

हमारा प्यार और हमारी तकरार

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अकसर तकरार से ही शुरू होता है प्यार का सफ़र

और पता ही नहीं चलता कब कोई बन जाता है हमसफ़र


क्यों सही कहा ना, हमारे प्यार की शुरूआत भी तो तकरार ही थी

तकरार तो थी वो पर उस तकरार में मोहब्बत बेशुमार थी


न जाने कब तुमने हमारे दिल का दरवाजा खटखटाया

पता ही नहीं चला कब तकरार में हमें प्यार नज़र आया


ये तकरार और प्यार का सिलसिला चलता रहा

पर हाल ए दिल दोनों में से किसी ने न कहा


यूं ही वक़्त गुज़रता गया और नैनों से बातें होने लगीं

ये दिल मुकरता गया पर नैनों ने इसकी एक न सुनी


आँखों ही आँखों में प्यार का इज़हार हुआ

तकरार में ही प्यार है, इस बात का ऐतबार हुआ.


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