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अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Inspirational

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अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Inspirational

हम इंकलाबी बंदे हैं

हम इंकलाबी बंदे हैं

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हम इंकलाबी बंदे हैं,

देश धर्म से बंधे हैं।

मातरम् गीत हमारा है,

हम जिंदाबाद क्रांति हैं।

आचरण मीत हमारा है,

हम विजया हिन्द भारती हैं।

जनगणमन देश अधिनायक है,

तनमनधन से देश के नायक हैं। 

दुश्मन की छाती पर तलवार हमारी है,

थर्र थर्र कांपे दुश्मन आवाज हमारी है।


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