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Bhavna Sharma

Romance

4  

Bhavna Sharma

Romance

हकदार

हकदार

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तुमहारी खुशियों का हिस्सेदार नहीं ।

मुझे तुम्हारे गमों का साझेदार बनना है।।

तुमहारे उन खाली तनहां लम्हों का मुझे हकदार बनना है।।

तुम जी लो तुम्हारे उन छ: दिनों को ,

पर मुझे तुम्हारा वो सूकन भरा इतवार बनना है।।

तुमहारी मन्जिल तक पहुच सकूं, इसकी मुझे चाहत नहीं।

पर मन्जिल को पाने मे, तुम्हारे अकेले सफर का, मुझे हमसफर बनना है.....


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