हक तो दो न!
हक तो दो न!
यादों मे ही सही अपनी हमको रहने दो न!
ख्यालों मे तेरे दुनिया अपनी बसाने दो न!!
मत चलना थामकर हाथ मेरा सरे राह!
साए की तरह अपने साथ चलने दो न!!
मत भीगने देना अपने संग बारिशों मे!
आँखों से जो तेरी बरसे उन बारिशों पर हमें हक तो दो न!!
कुर्बान जाऊँ तेरी हर मुसीबतों पर!
ख़ुशियों मे न सही गमों पर हमें अपना हक तो दो न!!
दुनिया मे रहकर संग तेरी ज़िन्दगी न सही!
बाद इस जहां के उस जहां पर हमें अपना तुम कहो न!!

