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Dhan Pati Singh Kushwaha

Drama Action Inspirational


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Dhan Pati Singh Kushwaha

Drama Action Inspirational


हित अनहित पशु -पक्षी ने जाना

हित अनहित पशु -पक्षी ने जाना

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आज का नहीं सदियों पुराना यह अफ़साना,

हित-अनहित भाव पशु-पक्षियों ने भी जाना।


खुशहाली के भावों से मन में उठती हैं तरंगें,

सकारात्मक ऊर्जा भरती है विविध ही उमंगें।

किसी अनजाने से मिलकर लगता नाता पुराना,

हित-अनहित भाव पशु-पक्षियों ने भी जाना।


भूखे शेर-ऐंड्रोक्लीज़ की हमने सुन रखी है कहानी,

श्वान सम हिला दुम निभाई वन की मित्रता पुरानी।

पशु वफादार मनुज से भी ज्यादा हर रोमन ने माना,

हित-अनहित भाव पशु-पक्षियों ने भी जाना।


पढ़कर के भाव मन के प्राणी बेहिचक पास आते,

कबूतर और मेघ प्रियतम के पास संदेश ले जाते।

प्रेम श्वान-हय-गज का मालिक से किस्सों में बखाना,

हित-अनहित भाव पशु-पक्षियों ने भी जाना।


हल्दीघाटी का चेतक हो या कर्णसिंह का शुभ्रक घोड़ा,

स्वामीभक्ति का जज़्बा ऐसा मंजिल पूर्व न दम था तोड़ा।

देते हम निर्भय गिलहरी-चिड़ियों का घर आंगन में आना ,

हित-अनहित भाव पशु-पक्षियों ने भी जाना।


कसाई को देखते ही पशु बहुत ही भय खाते हैं,

सर्प-शिकारी देख के पक्षी जोर से चिचियाते हैं।

पशु-इन्द्रिय मनुज से ज्यादा सक्षम सबने है माना,

हित-अनहित भाव पशु-पक्षियों ने भी जाना।


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