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Chandramohan Kisku

Abstract

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Chandramohan Kisku

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हिँसा ख़त्म करने की दवाई

हिँसा ख़त्म करने की दवाई

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तुमने क्यों बसाया है 

गाँव- घर 

बारूद के ढेर पर 

मैं जिन्दा रहना चाहता हूँ 

इस धरती पर 

ख़ुशी और आनंद से।


सावन की वर्षा 

आँखों में लिए 

मैं झूलना चाहता हूँ 

आम की डालियों में 

कोयल की गीत के साथ 

अपने गीत 

मिलाने की चाहत है .

दया- प्यार ,शिक्षा और शांति 

मेरा आभूषण है

युद्ध ,हिंसा और प्यास 

मेरा हथियार है

विस्मृत कर देना चाहता हूँ 

हिरोशिमा की भूल ।


तुमने मृत्यु की बीज 

परमाणु बम को 

तैयार क्यों किया ?

इसके बदले तो 

बना सकते थे 

मनुष्यों के मन से 

हिंसा ख़त्म होने की 

दवाई।


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