हिन्दी हिन्द का गौरव है
हिन्दी हिन्द का गौरव है
हिन्दी हैं हम हिंदुस्तानी, न कि अंग्रेजों की संताने हैं।
हिन्दी सीखो , हिन्दी लिखो, अंग्रेजी आखर बेगाने हैं।
हिन्दी हिन्द का गौरव है, हिन्दी से सबकी पहचाने हैं।
हिन्दी छोड़ के अंग्रेजी में,क्या लाल,फन्नेखा बनाने हैं?
मां की ममता,पिता की क्षमता,है हिन्दी के दरीखाने में।
फिर भी न जाने क्यों होड़ लगी है, अंग्रेजी की जमाने में?
सदियों का ज्ञान छुपा है, हिन्दी की पढ़ाई - लिखाई में।
हम है कि लगे पड़े हैं,नित दिन अंग्रेजी की ही बड़ाई में।
लग जाओ अभी भी आओ, हिन्दी की पढ़ाई लिखाई में।
वरना फिर तो वक्त लगेगा,हुए नुकसान की भरपाई में।
मां के दूध से भूख न मिटे,क्या मिटेगी मौंसी के पिलाने से?
दूध का बिगड़ा फिर कहां सुधरेगा, दाल रोटी के खिलाने से।
अंग्रेजी आज की जरूरत है जी,कुछ न होगा हिले बहाने से।
घर को बिगड़ने के बाद क्या होगा, फिर रूठी बहु मनाने से?
