STORYMIRROR

Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Inspirational

4  

Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Inspirational

हिंदी और हम

हिंदी और हम

1 min
319


हिंदी भाषा मां कहलाती,

सात सुरों में राग सुनाती,

गीत भजन से हमें हँसाती,

बिंदी माथे पर लग जाती।


मधुर मधुर स्वर -व्यंजन,

देव कहलाते दुख भंजन,

विभिन्न भाषाएं करे क्रंदन,

हिंदी भाषा मान लो चंदन।


देख कभी तो बोल बोल,

आगे यहां पृथ्वी है गोल,

बातें हिंदी की लेना तोल,

हर शब्द लगता अनमोल।


सहज सरलता से सीखेंगे,

हिंदुस्तान हम सब दिखेंगे,

नहीं बोलने से यूं झीखेंगे,

आओ अब हिंदी सीखेंगे।


लुभा रही है आज मन,

कहाती है प्यारी हिंदी,

सज रही है आज खूब,

ज्यों माथे की हो बिंदी।


सबसे प्यारी लग रही,

मन को कर दे विभोर,

बोल बोलकर देख लो,

नहीं करती कभी बोर।


विदेशी जब आते कभी,

सीखते देश में बस हिंदी,

हँसते-हँसते वो सीखते,

मात्रा,व्याकरण की बिंदी,


हर देश ने माना इसको,

हिंदी है दिल हिंदोस्तान,

भाषा हिंदी में ले आनंद,

सज्जन जन हो या शैतान।


हिंदी लजीज भाषा लगे,

बोल बोलकर देखों आज,

इतनी मधुर यह लग रही,

हर जन को होता है नाज।


हिंदी हमारी मातृभाषा है,

अमृतमय कहलाती आज,

हिंदी में पढ़-लिख लेना,

एक दिन करोगे जग राज।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational