STORYMIRROR

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Inspirational

4  

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Inspirational

हे शिव शंकर

हे शिव शंकर

1 min
13

द्वार तेरे मैं आया हे भोले शंकर,

कर लो मेरा उद्धार भोले शंकर।


मोह माया में अति भटक गया हूं,

भटक भटक के पटक मैं गया हूं,

हाथ पकड़ लो मेरा हे दया सागर, 

मुझ पर कृपा कर दो हे करुणाकर।


मझधार बीच में अब डुब रहा हूं,

भवसागर पार करना मैं चाहता हूं,

मेरे कसूर सब मैं कबूल करता हूँ,

माफ करो मुझे है मेरे शिव शंकर।


तेरा सुमिरन मैं हर पल कर रहा हूं,

सांसो की माला मैं अर्पण करता हूं,

"मुरली" अब तेरे शरण में आया हूं,

मुझे अपना दास बना लो है गंगाधर।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational