है मेरा सब कुछ समर्पित
है मेरा सब कुछ समर्पित
है मेरा सब कुछ समर्पित
तुझको ही ऐ मातृभूमि
तेरे लिए ही कर दूं त्याग
अपना मैं ये प्राण भूमि
जब तक है मुझमें जान बाकी
तेरा ही हूं दास भूमि
तेरा ही बस प्रेम पाना
इतनी है दरकार भूमि
प्राण जब निकले मेरा
तो खुद में मुझे समा लेना
मैं बन के तेरा लाल मां
हूं करता अरदास भूमि
तेरा निश्छल प्रेम मुझको
जीने की ओर ले जाना है
तेरा ही है उपकार मुझपे
जो दिल इतना सुकून पाता है
मां मेरी मैं लाल तेरा
अपने आंचल की छांव देना
गर हो मुझसे भूल कोई
लाल को अपने डांट देना
रूठना ना तू मां कभी
जीवन ये खत्म हो जाएगा
ऐ मेरी मातृभूमि
बस इतना सा उपकार करना।
