STORYMIRROR

Umesh Shukla

Inspirational

3  

Umesh Shukla

Inspirational

सुकर्मों से मिलती है

सुकर्मों से मिलती है

1 min
165


प्रयत्नों से मिल सकता है

कभी खोया हुआ सामान

लाख जतन से वापस नहीं

होता खोया हुआ सम्मान

बड़ी शिद्दत से कायम रखें

निज गरिमा और सम्मान

यही आपको दिला सकता

जग में ऊंचा ओहदा, स्थान

सुकर्मों से मिलती है इंसान

को दुनिया में कभी प्रसिद्धि

तभी इंसान की ख्याति में

होती जाती है निरंतर वृद्धि



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational