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Bhoop Singh Bharti

Inspirational

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Bhoop Singh Bharti

Inspirational

मुक्तक

मुक्तक

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बातें आज जब होने लगी, नारी के स्वाभिमान की।

यादें अब आने लगी, अनपढ़ नारी के अपमान की।


स्कूल खोले, गोबर, कीचड़, गाली और पत्थर खाए,

अब वो यादें आने लगी, माई फुले के बलिदान की।


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