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Chandresh Kumar Chhatlani

Comedy

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Chandresh Kumar Chhatlani

Comedy

हास्य कविता

हास्य कविता

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ये ना सोचो कि होने पे गंजा कोई लूट होती है,

गंजे की गर्लफ्रेंड बड़ी क्यूट होती है।


है परेशान वो, जिसके हैं घने बाल,

गंजे को कंघी रखने की छूट होती है।


गंजी महिलाओं,

गंजी महिलाओं तुम भी ना घबराना कभी,

बिखरे हुए बाल वाली ही चुड़ैल और भूत होती है।


किया जाता है मुंडन हर संस्कार में बच्चे का,

बात यही संस्कारी होने का सबूत होती है।


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