STORYMIRROR

Chandresh Kumar Chhatlani

Comedy

3  

Chandresh Kumar Chhatlani

Comedy

हास्य कविता

हास्य कविता

1 min
30

ये ना सोचो कि होने पे गंजा कोई लूट होती है,

गंजे की गर्लफ्रेंड बड़ी क्यूट होती है।


है परेशान वो, जिसके हैं घने बाल,

गंजे को कंघी रखने की छूट होती है।


गंजी महिलाओं,

गंजी महिलाओं तुम भी ना घबराना कभी,

बिखरे हुए बाल वाली ही चुड़ैल और भूत होती है।


किया जाता है मुंडन हर संस्कार में बच्चे का,

बात यही संस्कारी होने का सबूत होती है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Comedy