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Tanmay Mehra

Drama

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Tanmay Mehra

Drama

गुरु और शिष्य

गुरु और शिष्य

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ये कागज़ की नाव

और तेरे उत्साहित बच्चे

थोड़े से भोले, थोड़े से सच्चे


जब भी इनको हो तो तुम पढ़ाते

पाते हैं शिक्षा तुम से ये तब

महकते उपवन में फिर


"नये नन्हे फ़ूल" खिलते हैं तब

कर के साक्षर जीवन इनका

उपकार तुम करते हो जब


तुम्हारी खुशी के लिये

दुआ हमारी होती है तब।


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