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Rakesh Srivastava

Romance

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Rakesh Srivastava

Romance

गुलाब

गुलाब

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हर सवाल का जवाब लिए बैठे हैं,

होठों पर इक गुलाब लिए बैठे हैं,

मयखाने सारे बंद होंने को हैं अब,

जबसे आखों में वो शराब लिए बैठे हैं।



साहित्याला गुण द्या
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