STORYMIRROR

Neerja Sharma

Action Inspirational Thriller

4  

Neerja Sharma

Action Inspirational Thriller

गृहस्थी

गृहस्थी

1 min
401

गृहस्थी की गाड़ी

कुछ हिचकोले खा रही है

करोना के डर से 

दूरियाँ बढ़ा रही है।


दिन तो कट जाता है

पर परेशानी होती है 

अपने ही घर में 

छूने से मन डरता है ।


जहाँ होते थे कहकहे

वहाँ एक ही बात होती है

कितने नए केस आए

हर कोई पूछता है।


शुक्र है प्रभु गृहस्थी ठीक है

सब की ठीक चले है प्रार्थना

देश खुशहाल हो है यह मनोकामना

गृहस्थ सुखी हों है मंगलकामना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action