अच्युतं केशवं
Drama
गोरी बैठी बाग में,केश सँवारे हाथ
केश उठैं तो पूर्णिमा, गिरत अंधेरी रात।
गिरत अँधेरी रात, नैन तारे से चमकैं।
हँसत कुमुदिनी खिलै,धवल दन्तावलि दमकै।
फोन सैल्फी खोल, देखती चोरी-चोरी
मुख फेरै मुस्काय, बाग में बैठी गोरी।
मन आस तारा
सहज तुमने अपन...
कल लुटेरे थे ...
धूम्रपान कर ब...
छिपा हृदय निज...
उर सहयोगी भाव
भट्टी सी धरती...
अलग हो रूप रं...
आला वाले डॉक्...
भारोत्तोलन खे...
अंधेरे में आस्क छुपाने नहीं पड़ते, चेहरे में दुखी के धब्बे मिटाने नहीं पड़ते। अंधेरे में आस्क छुपाने नहीं पड़ते, चेहरे में दुखी के धब्बे मिटाने नहीं पड़ते...
तुम से प्यार इसलिए समय का ना पहरा बनाया अहसास की मिट्टी से घर बनाया तुम से प्यार इसलिए समय का ना पहरा बनाया अहसास की मिट्टी से घर बनाया
उसको भी वक्त और खुशी देना, तू भी खुलकर हँस। उसको भी वक्त और खुशी देना, तू भी खुलकर हँस।
लेकिन अपने शरीर और सेहत का ख़्याल रख लिया जाये। लेकिन अपने शरीर और सेहत का ख़्याल रख लिया जाये।
मुझे भी राह दिखाओ पुनः एकबार इस धरती पर आ जाओ...! मुझे भी राह दिखाओ पुनः एकबार इस धरती पर आ जाओ...!
अब कोई कर्ण किसी दुर्योधन के मित्रता का मोहताज नहीं अब कोई कर्ण किसी दुर्योधन के मित्रता का मोहताज नहीं
किसी बच्चे को खिलौने के लिए बिलखते हुए देखूं। मेरा मन करुणा से भर जाए। किसी बच्चे को खिलौने के लिए बिलखते हुए देखूं। मेरा मन करुणा से भर जाए।
वैसे हर रिश्ते की एक तयशुदा कीमत होती है तो रिश्ते के बाजार में ढंग से मोलभाव कीजिए ! वैसे हर रिश्ते की एक तयशुदा कीमत होती है तो रिश्ते के बाजार में ढंग से मोलभा...
ज़िंदगी भर याद रहेगी बिना कुसूर के मिली बेवफ़ाई। ज़िंदगी भर याद रहेगी बिना कुसूर के मिली बेवफ़ाई।
परीक्षा में असफल होने के डर से नींद गायब हो जाती। परीक्षा में असफल होने के डर से नींद गायब हो जाती।
आज तुम्हें उनके दर्द और तकलीफ की कुछ नहीं पड़ी। आज तुम्हें उनके दर्द और तकलीफ की कुछ नहीं पड़ी।
ये कदमों के निशान खुद बतायें। अपने पीछे क्या राज़ छोड़ जायें। ये कदमों के निशान खुद बतायें। अपने पीछे क्या राज़ छोड़ जायें।
सूरज शालू रोज जिंदगी गुजरी अपनी साइकिल की ताड़ी में। सूरज शालू रोज जिंदगी गुजरी अपनी साइकिल की ताड़ी में।
भूल जाऊँ हर गम और वजह हर गम की बस तुम जानो तो वजह मेरे दर्द की -- भूल जाऊँ हर गम और वजह हर गम की बस तुम जानो तो वजह मेरे दर्द की --
मेरा हर नशा तो तू है आ तेरा जी भर के जाम लूं। मेरा हर नशा तो तू है आ तेरा जी भर के जाम लूं।
धड़क... धड़क...
खुद को लोगों के उम्मीदों से मिलाने से डरती हूँ ? एक सवाल खुद से..... खुद को लोगों के उम्मीदों से मिलाने से डरती हूँ ? एक सवाल खुद से.....
जीत सकेंगे हर दुश्मन से उसके घर में जाकर। जीत सकेंगे हर दुश्मन से उसके घर में जाकर।
अपना बड़ा होना तो उतना याद नहीं, पर आपका बड़ा बनाना याद है। आपकी गोदी तो यादनहीं, पर………. अपना बड़ा होना तो उतना याद नहीं, पर आपका बड़ा बनाना याद है। आपकी गोदी तो यादनही...