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Lajita Nahak

Tragedy Classics

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Lajita Nahak

Tragedy Classics

गम

गम

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 खुशी छू कर गुजर जाती है,

 और गम बस बेवजह गले ही पड़ जाती है।


हम कितनी भी कोशिश कर ले

खुशी ज्यादा देर तक टिकता नहीं,


और गम अपने जगह से

सिरकने का नाम कभी लेता नहीं।


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