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Sandeep Kumar

Abstract

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Sandeep Kumar

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गजब है,इंतजार किए प्यार किए हम डोली में ले गया कोई और

गजब है,इंतजार किए प्यार किए हम डोली में ले गया कोई और

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गजब है, इंतजार किए प्यार किए हम

डोली में ले गया कोई और

निगाहे फाड़ कर हम देखते रह गए

सात फेरे लिया कोई और।।


गजब है 

गली का चक्कर लगाए शॉपिंग कराए हम

मांग भरा कोई और

हाथ पर हाथ धरे बैठे रहें हम

हाथ पकड़ कर ले गया कोई और।।


गजब है दिल लगाए दिल में बसाए हम

घर बसाया कोई और

मेहमान नवाजी करते रहे हम

मेहमान बन गया कोई और।।


गजब है

कसमें खाए सपने सजाए साथ जिएंगे मरेंगे हम

साथ जीने लगा कोई और

क्या मोहब्बत क्या जमाना 

हम तड़पते रहे जिंदगी बन गया कोई और।


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