गीता
गीता
वेदज्ञान का संक्षेप है गीता,
उपनिषदीयनिक्षेप है गीता।
शांतिधर्म का लेप है गीता,
जीवन का प्रक्षेप है गीता।
दया धर्म का गीत है गीता,
गीता ज्ञान से अर्जुन जीता।
विद्या का भंडार है गीता,
राजनीति का सार है गीता।
अद्भुत कर्म प्रचार है गीता,
विजयश्री रूपी हार है गीता।
लालच का संहार है गीता,
ईश्वर का उपहार है गीता।
मोह का तिरस्कार है गीता,
मुक्ति प्राप्ति द्वार है गीता।
संकट का उपचार है गीता,
कृपासिंधु विस्तार है गीता।
श्रीकृष्ण से सृजित है गीता,
भक्तिमुक्ति सचरित है गीता।
समत्त्वभाव फलित है गीता,
मोक्षज्ञान के सहित है गीता।
