STORYMIRROR

Chandramohan Kisku

Abstract

3  

Chandramohan Kisku

Abstract

घर

घर

1 min
245

यह सौ प्रतिशत सत्य है

सूर्य के किरण जैसी

की घर

केवल ईंट और गारा

से ही नहीं बनता।


और यह भी सच है

कि ईंट और गारा

के सिवा भी नहीं बनता।


घर, उसमें रहने वालों से

बनता है

और उनके प्यार से ही

सख्त होता है।


रहने वाले ही यदि

ईंट और गारा में

बदल जाए तो

घर बनेगा कैसे ?


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract