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Dr Hoshiar Yadav

Inspirational

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Dr Hoshiar Yadav

Inspirational

घड़ी भर ही सही

घड़ी भर ही सही

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घड़ी भर ही सही, मिले दोस्त कही,

यादें हो जाये ताजा, लगे जमाना सही,

बहने लगे आंखों से, कीमती वो आंसू,

सच्ची दोस्ती इस, जमाने ने यह कही।


घड़ी भर ही सही, आये वीरों की याद,

गोली उन पर चलाई, वो सारे जल्लाद,

वीरों ने खून बहाया, नहीं की फरियाद,

नाम रहेगा जहां में, सदियों के भी बाद।


घड़ी भर ही सही, दिखाये दरियादिली,

हर जन कह उठे, सुख की घड़ी मिली,

हर देश भक्तों की, होती है इच्छा दिली,

खुशियां देखकर, हर फूल कली खिली।


घड़ी भर ही सही, मिले हर जन खुशी,

दर्द मिटे पल में, कोई नहीं रहेगा दुखी,

मालिक की नजरें, हर जन रहे इनायत,

ईश्वर के सदा सामने, नजरें रहे यूं झुकी।


घड़ी भर ही सही, प्रभु मिल जाये आज,

उस घड़ी पर ताउम्र ही, मुझको हो नाज,

खुशियां नहीं समा पाये, यह दिल मेरा,

उस दाता का रहा है, इस जहां में राज।


घड़ी भर ही सही, कोई तो अपना माने,

सुख दुख कैसे होते, दिल से कभी जाने,

हमने भी कितने, दर्द सहे इस जहान में,

आए मेरा कोई तो, मुझको सही पहचाने।


घड़ी भर ही सही, कर लेना यह विचार,

कितने आये कितने गये, संख्या बेशुमार,

घमंड त्याग देना, मिथ्या जगत कहलाता,

दुख उठाना सीखो, मिलते जग में हजार।


घड़ी भर ही सही, दे दे निज आशीर्वाद,

बिछुड़े माता पिता की, आये बहुत याद,

एक बार उनको मिला दे, हे! मेरे ईश्वर,

जीवन त्यागने से पहले, यही फरियाद।


घड़ी भर ही सही, अपनों से तो मिलना,

लगेगा बगीचे की, कलियोंं का खिलना,

बड़ी शिद्दत से बैठे है, आने की आस में,

अपनों से मिलने को, पड़ता जन हिलना।


घड़ी भर ही सही, कर लो बच्चों से प्यार,

ये वो भविष्य होते, लगते फूलों का हार,

बिन मां बाप के, जग में मिलते हैं बच्चे,

कभी जाकर अनाथालय, देना उन्हें दुलार।


घड़ी भर ही सही, सृष्टि को अपना मान,

वसुधैव कुटुम्बकम, नारे को मिले सम्मान,

दुश्मनी जहां की तब, मिट जायेगी सारी,

जान देनी भी पड़े तो देता, बढ़ जाये शान।।



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