एम्बुलेंस
एम्बुलेंस
जब भी देखता हूं,
आती जाती,
सायरन का आवाज करती,
"एम्बुलेंस ''
हृदय की बढ़ती, स्पंदन
वातावरण होता है सायलंस
नीली बत्ती के साथ,
सायरन की आवाज करती
दौड़ाता है, ड्राइवर
कभी सन्नाटे को चिरता,
कभी भीड़ को काटता ,
कोशिश एक जिन्दगी बचाने की
अपनी जान पर खेलकर
भीतर का दृश्य नहीं कुछ अलग,
सबके उदिग्न मन,
चेहरे पर चिंता रेखा
सब, समय को कोसते हुए
सबके मन में,
एक ही प्रश्न
अब क्या होगा ?
एक एक पल,
सब भगवान को अरदास,
करते हुए I
जीवन की एक रेखा,
बढ़ाने के लिए
बढ़ती जब रेखा,
सबके चेहरे पर,
खुशी आनंद I
नहीं तो
रुदाली का क्रंदन I
