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Anil Jaswal

Abstract

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Anil Jaswal

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एलियंस आया, प्यार जताया।

एलियंस आया, प्यार जताया।

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कल मैं अपने घर में था बैठा,

अचानक जैकी भोंका,

मैं तुरंत बाहर निकला,

दंग रह गया देखकर,


एक दम चारों और,

चकाचक प्रकाश,

आंखें चौंधिया रहीं थीं,

मैंने तुरंत अपने आपको संभाला,

एक उड़न तश्तरी उतरी थी लान पर,


मुझे देख,

जैकी हो गया खामोश,

झट से उड़न तश्तरी का दरवाजा खुला,

एक अजीव आकृति से पाला पड़ा।

मुझे लगा,


जैसे कोई है रोओ,

लेकिन जब उसने परिचय करवाया,

तो मुझे बचपन में पढ़ी

कहानीयों का किस्सा याद आया।


मै तुरंत उसको,

ले गया अंदर,

चाए का किया आफर,

वो पहले मुस्कराया,

फिर झट से फरमाया।


वक्त मेरे पास कम है,

मै आया हूं अंतरिक्ष से,

करने दोस्ती प्रथ्वी से।

मैंने तुरंत प्रधानमंत्री की एप खोला,

उसको उसमें मैसेज लिखने को बोला।


उसने तुरंत मैसेज किया,

और बोला,

अब करता हूं प्रस्थान,

आपके स्पेस स्टेशन पे होगी मुलाकात।

मैंने उसका किया धन्यवाद,

और वो हो गया आकाश से बाहर।


साहित्याला गुण द्या
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