एक ख़त मेरे नाम लिख दो .
एक ख़त मेरे नाम लिख दो .
आपके ख्वाबों में जीने लगे हैं
हम इस कदर आप पर मरने लगे हैं
कभी यूँ लगता है कि सांसों की आवाज़ हो तुम
और फिर मेरे गुमसुम होने का राज़ भी तुम
इश्क समर्पण की पहचान है
ये दिल अभी नादान है
आप से दूर रह कर परेशान है
दिल कह रहा है ; एक "ख़त " लिख दो
उस चुम्बन का एहसास लिख दो
जो भिगो देता है मेरी पलकों को
उन जज़्बातों के 'अलफ़ाज़ ' लिख दो
क्या महसूस होती है कमी मेरी ?
या बिना दिल के जी लेते हो ?
याद आती है मेरी कभी ?
या 'बेवफ़ा' का नाम देते हो ?
इन सब सवालों के जवाब लिख दो
एक ख़त मेरे नाम लिख दो।
