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Ravindra Lalas

Abstract Inspirational


4.6  

Ravindra Lalas

Abstract Inspirational


एक एहसास जीने का!

एक एहसास जीने का!

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कोशिश से किस्मत तक, 

यादों से फुर्सत तक,


बचपन से बंधन तक,

अपनों से सपनों तक,


एक एहसास जीने का, सुबह से शाम तक!


मकसद से मन्नत तक,

हलचल से हरकत तक,


चाँद से चौखट तक,

दूरी से दस्तक तक,


एक एहसास जीने का, सुबह से शाम तक!


गर्दिश से गुलशन तक,

जोख़िम से जन्नत तक,


लहरों से लम्हों तक,

नजरों से नग्मों तक,


एक एहसास जीने का, सुबह से शाम तक!


ओस से अश्कों तक,

पहलू से पलकों तक,


रिमझिम से रेशम तक,

रौनक से रुखसत तक,


एक एहसास जीने का, सुबह से शाम तक!


सांसो से सरगम तक,

शोलों से शबनम तक,


उलझन से अवसर तक,

तनहा से तेवर तक,


एक एहसास जीने का, सुबह से शाम तक!


हँसने से रोने तक,

करने से होने तक,


चाहत से वादों से तक,

ऋचा से वंदन तक!


एक एहसास जीने का, सुबह से शाम तक!


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