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Kavya Soni

Romance

4  

Kavya Soni

Romance

एक दूजे से दूर

एक दूजे से दूर

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एक दूजे से अभी दूर हैं हम

तक़दीर के आगे जरा मजबूर हैं हम

किसी रोज नसीब की होगी मेहरबानियां

दूरियां मिटेगी और लिखेंगे मिलन की कहानियां

पास आकर तुम दूरियां मिटा देना 

लगा के अपने सीने से मुझे मुझसे मिला देना

इन ख्वाबों की ख्वाहिशों को

हकीकत बना देना

किसी रोज मेरे सिरहाने आकर 

मुझे नींद से तुम जगा देना

एक तुम्हारे पहलू ही तो महफूज़ है सनम

मगर अभी जरा एक दूजे से दूर है हम

तकदीर के आगे जरा मजबूर हैं हमदम। 



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