STORYMIRROR

Kavya Soni

Romance

4  

Kavya Soni

Romance

वो सबसे जुदा वो दीवानी सी

वो सबसे जुदा वो दीवानी सी

1 min
227

मेरे दिल में उसका ठिकाना

दूर मुझे ना जाना

वो सबसे जुदा वो दीवानी सी

परियों की वो कहानी सी

अलग सी उसमे बात

अंदाज़ उसका जरा है खास

उसे देख कर गुलशन खिला

मुस्कान से उसकी इन्द्रधनुष को

भी रंग है मिला

उसकी खिलखिलाहट बहते झरने सी

जब वो जोर से हंसने लगती है

आसमां से से जैसे बूंदे बरसती है

सादगी से उसकी बहारों को रंगत देती

अनोखी अदाएं दीवानी से जैसे हवाएं

फिज़ाओं को वो महकाती

कुछ ऐसे वो मुस्कुराती

वो मनचली तितली सी

कोमल मासूम वो कली सी

जिस राह वो चले

खुशियां वहीं मिले।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance